आल्हा- प्रेमचंद(Alha Hindi Story By Premchand)

आल्हा- प्रेमचंद(Alha Hindi Story By Premchand) १. आल्हा का नाम किसने नहीं सुना। पुराने जमाने के चन्देल राजपूतों में वीरता और जान पर खेलकर स्वामी की सेवा करने के लिए किसी राजा महाराजा को भी यह अमर कीर्ति नहीं मिली। राजपूतों के नैतिक नियमों में केवल वीरता ही नहीं थी बल्कि अपने स्वामी और अपने […]

दो भाई…प्रेमचंद (Do Bhai by Premchand)

प्रातःकाल सूर्य की सुहावनी सुनहरी धूप-में कलावती दोनों बेटों को जाँघों पर बैठा दूध और रोटी खिलाती थी। केदार बड़ा था, माधव छोटा। दोनों मुँह में कौर लिये, कई पग उछल-कूदकर फिर जाँघों पर आ बैठते और अपनी तोतली बोली में उस प्रार्थना की रट लगाते थे, जिसमें एक पुराने सुहृदय कवि ने किसी जाड़े […]

आखिरी मंजिल….प्रेमचंद (Akhari Manzil by Premchand)

आह ? आज तीन साल गुजर गए, यही मकान है, यही बाग है, यही गंगा का किनारा, यही संगमरमर का हौज। यही मैं हूँ और यही दरोदीवार। मगर इन चीजों से दिल पर कोई असर नहीं होता। वह नशा जो गंगा की सुहानी और हवा के दिलकश झौंकों से दिल पर छा जाता था। उस […]

प्रेमचंद, एक जीवन परिचय(biography of premchand in hindi)

प्रेमचंद महानतम भारतीय लेखकों में से एक हैं। इन्हे हिन्दी साहित्य का कथानायक और उपन्यास सम्राट भी कहा जाता है। प्रेमचंद का जन्म ३१ जुलाई १८८० को  वाराणसी  केनिकट लमही गाँव में हुआ था। उनकी माता का नाम आनन्दी देवी था तथा पिता का नाम मुंशी अजायबराय था। उनके पिता  लमही में डाकमुंशी थे। प्रेमचंद  का मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव […]