प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजाना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana in hindi )

भारत सरकार ने एक  महत्पूर्ण योजना  “प्रधानमंत्री  उज्ज्वला योजाना” की शुरुआत 1 मई ,2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया  जिले  के माल्देपुर से हुई । यह उज्जवला योजना ग्रामीण इलाके में ,गरीबी रेखा के निचे गुजर -बसर करने वाले गरीब परिवारों के लिए रियाती मूल्य पर एलपीजी कनेक्शन तथा उसकी आपूर्ति करने के उद्देश्य से […]

आदमी की औकात (Adami ki Aukat)

एक माचिस की तिल्ली , एक घी का लोटा , लकड़ियों के ढेर पे कुछ घण्टे में राख… बस इतनीसी है आदमी की औकात ? एक बूढ़ा बाप शाम को मर गया , अपनी सारी ज़िन्दगी , परिवार के नाम कर गया… कहीं रोने की सुरसुरी , तो कहीं फुसफुसाहट , अरे जल्दी ले जाओ […]

फिर मनाएगा कौन(Phir Manayega Kaun)

मैं रूठा, तुम भी रूठ गए फिर मनाएगा कौन ? आज दरार है, कल खाई होगी फिर भरेगा कौन ? मैं चुप, तुम भी चुप इस चुप्पी को फिर तोडेगा कौन ? बात छोटी सी लगा लोगे दिल से, तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन ? दुखी मैं भी और तुम भी बिछड़कर, सोचो हाथ फिर […]

“सुखी” सुख बाँटता है

एक व्यक्ति ऑटो से रेलवे स्टेशन जा रहा था। ऑटो वाला बड़े आराम से ऑटो चला रहा था। एक कार अचानक ही पार्किंग से निकलकर रोड पर आ गयी। ऑटो चालक ने तेजी से ब्रेक लगाया और कार, ऑटो से टकराते टकराते बची।       कार चालक गुस्से में ऑटो वाले को ही भला-बुरा कहने […]

आत्म-संगीत- प्रेमचंद(Atam-Sangeet Story by Premchand)

आधी रात थी। नदी का किनारा था। आकाश के तारे स्थिर थे और नदी में उनका प्रतिबिम्ब लहरों के साथ चंचल। एक स्वर्गीय संगीत की मनोहर और जीवनदायिनी, प्राण-पोषिणी घ्वनियॉँ इस निस्तब्ध और तमोमय दृश्य पर इस प्रकाश छा रही थी, जैसे हृदय पर आशाऍं छायी रहती हैं, या मुखमंडल पर शोक। रानी मनोरमा ने […]

कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं (Kuch Dost Bahut Yaad Aate Hai)

मै यादों का किस्सा खोलूँ तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं. मै गुजरे पल को सोचूँ तो,  कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं. अब जाने कौन सी नगरी में, आबाद हैं जाकर मुद्दत से. मै देर रात तक जागूँ तो , कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं. कुछ बातें थीं फूलों जैसी, कुछ लहजे […]

रबीन्द्रनाथ टैगोर, एक जीवन परिचय(Biography of Rabindranath Tagore in Hindi)

जब कभी भी भारतीय साहित्य के इतिहास की चर्चा होगी तो वह गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर  के नाम के बिना अधूरी ही रहेगी। रबीन्द्रनाथ टैगोर एक विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक, कहानीकार, गीतकार, संगीतकार, नाटककार, निबंधकार तथा चित्रकार थे। भारतीय साहित्य गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर के योगदान के लिए सदैव उनका ऋणी रहेगा। वे अकेले ऐसे भारतीय साहित्यकार […]

बड़े दिन हो गए

वो माचिस की सीली डब्बी, वो साँसों में आग, बरसात में सिगरेट सुलगाये बड़े दिन हो गए। वो दांतों का पीसना, वो माथे पर बल, किसी को झूठा गुस्सा दिखाए बड़े दिन हो गए। एक्शन का जूता और ऊपर फॉर्मल सूट, बेगानी शादी में दावत उड़ाए बड़े दिन हो गए। ये बारिशें आजकल रेनकोट में […]

अपरिचिता- रवीन्द्रनाथ ठाकुर (Aparichita by Ravindranath Thakur)

अपरिचिता              आज मेरी आयु केवल सत्ताईस साल की है। यह जीवन न दीर्घता के हिसाब से बड़ा है, न गुण के हिसाब से। तो भी इसका एक विशेष मूल्य है। यह उस फूल के समान है जिसके वक्ष पर भ्रमर आ बैठा हो और उसी पदक्षेप के इतिहास ने […]

आहिस्ता चल जिंदगी

आहिस्ता  चल  जिंदगी,अभी कई  कर्ज  चुकाना  बाकी  है कुछ  दर्द  मिटाना   बाकी  है कुछ   फर्ज निभाना  बाकी है                    रफ़्तार  में तेरे  चलने से                    कुछ रूठ गए कुछ छूट गए                    रूठों को मनाना बाकी है                    रोतों को हँसाना बाकी है कुछ रिश्ते बनकर ,टूट गए कुछ जुड़ते -जुड़ते छूट गए उन टूटे […]

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