साहित्य Archive

सही-ग़लत(Sahi Galat Hindi Poem)

सही-ग़लत(Sahi Galat Hindi Poem)   रात के अँधेरे में अगर तुम, चेहरा ढक कर निकलोगे तो तुम्हे लोग पहचान लेंगे, तुम्हारी नियत जान लेंगे ।। तुम सही नहीं हो तुम जरुर सही नहीं हो तुम ग़लत हो या ग़लत करने जा रहे हो  ।। ...Read More

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना ( Pradhan Mantri Garib Kalyan Yojna)

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना ( Pradhan Mantri Garib Kalyan Yojna) की शुरुआत अप्रैल 2015 में भारत सरकार द्वारा गरीबों के कल्याण हेतु किया गया था। इस योजना का उद्देश्य  गरीबों के कल्याण के लिए, भारत सरकार द्वारा गरीबों के हित एवं कल्याण से सम्बंधित ...Read More

भेदभाव के विरुद्ध महिला अधिकार ( Discrimination against women’s rights)

प्रस्तावना (Introduction) आज भी हमारे समाज में महिलाओं से भेदभाव जारी है। सच्चाई यही है चाहे हम जितना भी विकसित और आधुनिक होने का दावा क्यों न कर लें परन्तु हमारा समाज आज भी महिलाओं के सशक्तिकरण से खौफ खाता है। दुनियां के प्रमुख ...Read More

फ़ासले..(Fasale)

मैंने देखा अज़ीब सी घटना, जो थी बहुत खास  । मानव खा रहे  थे मांस, व कुत्ते खा रहे  थे घास   ।। उनके घर के बचे भोजन से , आज भी आ रही थी बांस  । मेरे घर के बच्चों को छोड़ो , ...Read More

माँ का आंचल

  जब आंख खुली तो अम्‍मा की गोदी का एक सहारा था उसका नन्‍हा सा आंचल मुझको भूमण्‍डल से प्‍यारा था उसके चेहरे की झलक देख चेहरा फूलों सा खिलता था उसके स्‍तन की एक बूंद से मुझको जीवन मिलता था हाथों से बालों ...Read More

तनहा ही रह गया

न मैं स्मार्ट बनने की कोशिश करता हूँ, और न ही मैं परियों पे मरता हूँ। वो एक भोली सी लड़की है, जिसे मैं मोहब्बत करता हूँ। उसकी तस्वीर मेरी दिलों दिमाग व आखों में बसी है, मगर ‘हाय’ वो किसी और को दिल दे ...Read More

हमारी ख़ुशी दूसरों की ख़ुशी में छिपी हुई है

एक बार पचास लोगों का ग्रुप। किसी मीटिंग में हिस्सा ले रहा था। मीटिंग शुरू हुए अभी कुछ ही मिनट बीते थे कि स्पीकर अचानक ही रुका और सभी पार्टिसिपेंट्स को गुब्बारे देते हुए बोला , ” आप सभी को गुब्बारे पर इस मार्कर ...Read More

संघर्ष से ही हमारी जड़ें मजबूत होती हैं..

नई पीढ़ी के लिए, जो हर काम के लिए संघर्ष कर रहे है। एक बार एक युवक को संघर्ष करते – करते कई वर्ष हो गए लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। वह काफी निराश हो गया, और नकारात्मक विचारो ने उसे घेर लिया। उसने इस ...Read More

भाग्य से ज्यादा और समय से पहले न किसी को कुछ मिला है और न मीलेगा

एक सेठ जी थे । जिनके पास काफी दौलत थी। सेठ जी ने अपनी बेटी की शादी एक बड़े घर में की थी। परन्तु बेटी के भाग्य में सुख न होने के कारण उसका पति जुआरी, शराबी निकल गया। जिससे सब धन समाप्त हो गया। ...Read More

रामायण कथा का एक अंश (Ramayana katha)

रामायण कथा का एक अंश जिससे हमे *सीख* मिलती है *”एहसास”* की… *श्री राम, लक्ष्मण एवम् सीता’ मैया* चित्रकूट पर्वत की ओर जा रहे थे, राह बहुत *पथरीली और कंटीली* थी ! की यकायक *श्री राम* के चरणों मे *कांटा* चुभ गया ! श्रीराम ...Read More

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