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पारस (Paras Hindi Poem)

पारस (Paras Hindi Poem) पहली नज़र में देखा जब पहली बार, एक आत्म-स्वाभिमानी, आत्म-विश्वासी लड़की को। जिसके चेहरे की चमक …
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सही-ग़लत(Sahi Galat Hindi Poem)

सही-ग़लत(Sahi Galat Hindi Poem)   रात के अँधेरे में अगर तुम, चेहरा ढक कर निकलोगे तो तुम्हे लोग पहचान लेंगे, …
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फ़ासले..(Fasale)

मैंने देखा अज़ीब सी घटना, जो थी बहुत खास  । मानव खा रहे  थे मांस, व कुत्ते खा रहे  थे …
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माँ का आंचल

  जब आंख खुली तो अम्‍मा की गोदी का एक सहारा था उसका नन्‍हा सा आंचल मुझको भूमण्‍डल से प्‍यारा …
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तनहा ही रह गया

न मैं स्मार्ट बनने की कोशिश करता हूँ, और न ही मैं परियों पे मरता हूँ। वो एक भोली सी …
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पारस (Paras Hindi Poem)

पारस (Paras Hindi Poem) पहली नज़र में देखा जब पहली बार, एक आत्म-स्वाभिमानी, आत्म-विश्वासी लड़की को। जिसके चेहरे की चमक …
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सही-ग़लत(Sahi Galat Hindi Poem)

सही-ग़लत(Sahi Galat Hindi Poem)   रात के अँधेरे में अगर तुम, चेहरा ढक कर निकलोगे तो तुम्हे लोग पहचान लेंगे, …

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